Bhagavat Bhakti aur Jeevan

Motilal Banarsidass International

Regular price Rs. 295.00

ISBN: 9789347683749
Author: Pushpa Pant
Year of Publication: Mar'2026
Binding: PB
Language: Hindi
No. of Pages: 216

 

ABOUT THE AUTHOR : स्वर्गीय पुष्पा पंत (17.10.1938–25.01.2025) केवल अपनी बेटी और बेटे की ही नहीं, बल्कि अपने संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति की माँ थीं। वे जितनी स्नेहिल माँ थीं, उतनी ही सभी बच्चों की प्यारी दादी और नानी भी। उनके घर आने वाला हर व्यक्ति उनके हाथ के बने भोजन का स्वाद याद रखता है। सिलाई और बुनाई में उनकी दक्षता उनके सिले हुए कपड़ों, स्वेटरों, मोजों और टोपियों के रूप में आज भी जीवित है, जिन्हें पहनकर न जाने कितनों ने उनका स्नेह महसूस किया।

अंग्रेज़ी और हिंदी साहित्य पर उनकी समान पकड़ थी। वे गुलशन नंदा से लेकर अर्ल स्टेनली गार्डनर जैसे लोकप्रिय लेखकों को उतनी ही रुचि से पढ़ती थीं। अख़बारों की नियमित पाठक होने के कारण उनका सामान्य ज्ञान व्यापक था, जिससे वे किसी भी विषय पर सहज और रोचक संवाद कर पाती थीं। भारतीय राजनीति में उनकी गहरी रुचि थी, उतना ही लगाव उन्हें भारतीय सिनेमा से भी था।

हिंदू शास्त्रों की उनकी गहन समझ और सहज व्याख्या की क्षमता इस पुस्तक के प्रत्येक पृष्ठ में स्वाभाविक रूप से झलकती है।