{"product_id":"samajik-jagrukta-social-awareness-sa-1","title":"Samajik Jagrukta Social Awareness – SA-1","description":"\u003cp\u003eISBN: 9788169980333\u003cbr\u003eAuthor:\u003cstrong\u003e \u003c\/strong\u003eDr. Priy Purushottam Ashutosh\u003cbr\u003e             Dr. Reeta Kumari\u003cbr\u003eYear of Publication: Sep’ 2026\u003cbr\u003eBinding: PB\u003cbr\u003eLanguage: Hindi\u003cbr\u003eNo. of Pages: 238\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003e\u003cspan\u003eABOUT THE BOOK : \u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan\u003eमनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसका जीवन परिवार, समुदाय, संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्र से गहराई से जुड़ा है। इसलिए समाज में हो रहे परिवर्तनों, समस्याओं, अधिकारों, कर्तव्यों और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना प्रत्येक नागरिक का पहला दायित्व है। सामाजिक जागरूकता हमें केवल अपने हितों तक सीमित न रखकर व्यापक लोक-कल्याण के प्रति संवेदनशील बनाती है। इसी उद्देश्य को लेकर यह पुस्तक तैयार की गई है। प्रस्तुत पुस्तक 'सामाजिक जागरूकता' विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों को समाज व राष्ट्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की आधारभूत और व्यावहारिक समझ प्रदान करती है। सामाजिक जागरूकता का क्षेत्र अत्यंत व्यापक है। इस पुस्तक में इसी व्यापकता को सरल और क्रमबद्ध रूप में समेटने का प्रयास किया गया है। इसमें लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण एवं कामकाजी महिलाओं की चुनौतियाँ, सड़क सुरक्षा, जल, स्वच्छता और साफ-सफाई, पर्यावरणीय स्थिरता, नागरिक शास्त्र, लोकतंत्र, नागरिक संस्थाएँ, चुनाव प्रक्रिया तथा नागरिक अधिकार जैसे अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर चर्चा की गई है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस पुस्तक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें आधुनिक सामाजिक विषयों को 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के आलोक में समझने का प्रयास किया गया है। भारतीय परंपरा में लोक-कल्याण, सेवा, सह-अस्तित्व, कर्तव्य, न्याय, करुणा और अहिंसा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। 'सर्वे भवन्तु सुखिनः', 'वसुधैव कुटुम्बकम्' और 'लोकसंग्रह' जैसी अवधारणाएँ हमें सिखाती हैं कि व्यक्ति का कल्याण समाज के कल्याण से अलग नहीं है। इन शाश्वत मूल्यों के माध्यम से आधुनिक समस्याओं को समझना विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिकता का विकास करता है।  सामाजिक जागरूकता का अर्थ केवल समस्याओं को जानना नहीं, बल्कि उनके समाधान में अपनी भूमिका को पहचानना भी है। इसी प्रकार लोकतंत्र में हमारी भूमिका केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, स्वतंत्रता, समानता, न्याय और जनभागीदारी को समझना और निभाना भी है। सरल भाषा, व्यवस्थित बिंदुओं और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के साथ प्रस्तुत यह पुस्तक अध्ययन, पुनरावृत्ति और परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइसका अंतिम लक्ष्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, संवेदनशील, उत्तरदायी और विवेकशील नागरिकों का निर्माण करना है जो अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझें और ज्ञान को अपने आचरण में उतारकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएँ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"MOTILAL BANARSIDASS PVT. LTD.(OWN)","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51395153756327,"sku":null,"price":395.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0343\/1507\/5715\/files\/image_1.png?v=1790056653","url":"https:\/\/mlbdbook.com\/products\/samajik-jagrukta-social-awareness-sa-1","provider":"Motilal Banarsidass International","version":"1.0","type":"link"}